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शनिवार, 26 मई 2018

शाख़




चमक तुम्हारी  चाँदनी ,
मन भी देखो पाक |
प्रेम हमारा दामिनी, 
है क़ुदरत की शाख़   |

-अनीता सैनी 

1 टिप्पणी:

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