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शुक्रवार, 1 जून 2018

मोहब्बत



कुछ पल की मुहब्बत मिली 
कुछ पल  का  सुरूर 
जीवन तपती रेत बना 
धुआँ-सा उड़ता गुरुर |

- अनीता सैनी 

1 टिप्पणी:

आदरणीय/आदरणीया, स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिये आपका हार्दिक धन्यवाद,