समर्थक/Followers

गुरुवार, 20 दिसंबर 2018

मुस्कान अश्कों की



                

   दर्द - ए - जिंदगी  की  सौगात,   मिला  दर्द का  मुक़ाम, 
    ग़मों  की  आड़  में   खिली,   अश्कों   की   मुस्कान ||


    मुहब्बत  के  लिबास  में,  दर्द  -ए -ग़म   से   हुई   पहचान,
  ग़मों  का  सितम  क्या  सितम ,  अश्कों  में  खिले  मुस्कान ||


     कुछ   जख़म   वक़्त   का,   वक़्त   का    रहा   गुमान,
    वक़्त   की   पैरवी   में,  खिली  अश्कों   की  मुस्कान ||


    ख़ामोश    जिंदगी ,  हाथ    में   दर्द     का   जाम, 
    सिसक  रही   सांसे  , सीने   में  अश्कों   की  मुस्कान  ||


     खता  और  खतेवार  कौन  ,वक़्त  को  खंगालता  मन ?
   सीने   में  दफ़न  दास्ताँ ,  नम  आँखों   की  मुस्कान ||
    

                            अनीता 

7 टिप्‍पणियां:

आदरणीय/आदरणीया, स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिये आपका हार्दिक धन्यवाद,