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रविवार, 3 मार्च 2019

क्षणिकाएँ

                                                                            
                                     ||प्रभात ||

                             प्रभात   की   निर्मल  छाया 
                               निखरी  नील आकाश  में 
                             लिए  नव  ज्योति,  नव  जीवन  
                            मुस्कुराये   स्वछंद   प्रभात    में 
                           शशि  किरणें  प्रीत  में  पुलकित 
                             प्रकृति   शरद   उच्छवास   में                       

                                       ||साँझ ||

                               नील  अंबर  की  संगिनी 
                              चले   सेंदुरी   मंथर  चाल 
                              सिदुर,  चंदन  का  समागम
                             ओढ़ा   प्रीत  रंग, रेशम  जाल 
                              सुदूर   क्षितिज  पर  सुनहरी 
                               किरणों  से,   पूछे   प्रिय  हाल |

                                       - अनीता सैनी 

20 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर क्षणिकाये बिटिया अनिता

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    1. प्रणाम चाचा जी |आप का ब्लॉग पर तहे दिल से स्वागत है | ये मेरा भाग्य है की आप ब्लॉग पर पधारे | सह्रदय आभार आप का उत्साहवर्धन टिप्णी और मार्गदर्शन के लिए |आशीर्वाद बनाएं रखे |
      आभार
      सादर

      हटाएं
  2. बहुत सुंदर क्षणिकाएं सखी

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (05-03-2019) को "पथरीला पथ अपनाया है" (चर्चा अंक-3265) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. सह्रदय आभार आदरणीय चर्चा में स्थान देने के लिए | आशीर्वाद बनाए रखे | प्रणाम
      सादर

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  4. सुदूर क्षितिज पर सुनहरी
    किरणों से, पूछे प्रिय हाल |


    अति सुंदर।

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    1. सह्रदय आभार आदरणीय ज़फर जी
      प्रणाम
      सादर

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  5. उत्तर
    1. सस्नेह आभार प्रिय सखी दीपशिखा जी |स्नेह
      सादर

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  6. बहुत सुन्दर क्षणिकाएं सखी !!

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  7. वाह!!सखु ,बहुत सुंदर !!!👌👌

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  8. .......सुंदर क्षणिकाएं
    कभी फुर्सत मिले तो नाचीज़ की दहलीज़ पर भी आयें-
    शब्दों की मुस्कुराहट
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

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    1. जी जरुर |आभार आपका सुंदर टिप्णी के लिए
      सादर

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आदरणीय/आदरणीया, स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिये आपका हार्दिक धन्यवाद,