समर्थक/Followers

रविवार, 27 मई 2018

शाख़




चमक तुम्हारी  चाँदनी ,
मन भी देखो पाक |
प्रेम हमारा दामिनी, 
है क़ुदरत की शाख़   |

-अनीता सैनी 

1 टिप्पणी: