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गुरुवार, मई 10

झूठ


वह कहता है  झूठ चलकर आता 
मैं कहती हूँ  वह फ़ितरत इंसान की 
तौलता  ज़माना अपनी सोच के तराज़ू  में 
चलकर आने में जनाब वक़्त लगता है 
माशूका वह हर इंसान की |

- अनीता सैनी 

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