गुरुवार, अगस्त 2

हाइकु रचना


प्यार  से  पाला 
गिरवी  रख  दिया 
तंग   पेट   ने ।

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भूख  ने  मोड़ा 
ज़रुरत  ने  तोड़ा 
  न  नूर   छोड़ा  ।
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मन  बहका
तन  ठोकर  खायें
मैं   सुख  ढूँढूँ |
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वक़्त ने तोड़ा
हिम्मत ने जोड़ा 
कर्म  संग  दौड़ा ।
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आँखों  में  नमीं 
आँचल  में   छीपायें 
हँसती   जाये ।

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