शनिवार, 11 मई 2019

माँ



अंतरमन में बहे करूणा,  
माँ , स्नेह का संसार, 
नि:शब्द भावों में झलके,  
माँ   मौन,  माँ मुखर  हृदय  का उद्गगार |


 आँखों  में   झलकें   स्नेह,  
माँ,   रण   में   हुँकार, 
आस्था  में  बैठा  विश्वास, 
माँ,  कर्म  पथ  का  विस्तार |


नाज़ुक  डोर  बँधे  जीवन  की,  
माँ,  जीवन  का  सार, 
क़दम  क़दम पर ढाल बनी, 
माँ , दो धारी तलवार |


नारी रूप नारायणी, 
माँ,  शक्ति का अवतार, 
मिथक  भ्रम  जग  ने  पाला, 
माँ,काली  के  एक  पाँव  का  संसार |


सृष्टि   का  कण-कण  दाता, 
माँ,  स्नेह   रूप   में   साकार, 
सुकूँ  की छाँव मिले  जीवन  में, 
 माँ,   ममता  की   बौछार |

- अनीता सैनी






39 टिप्‍पणियां:

अनीता सैनी ने कहा…


जी नमस्ते,

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (12-05-2019) को

"मातृ दिवस"(चर्चा अंक- 3333)
पर भी होगी।

--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
....
अनीता सैनी

लोकेश नदीश ने कहा…

बहुत खूबसूरत अभिव्यक्ति

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

भावनाओं से ओतप्रोत रचना।
मातृदिवस पर सुन्दर प्रस्तुति दी है आपने।

Unknown ने कहा…

अनुपम औ अद्वितीय भावाभिव्यक्ति सुखद औ सराहनीय, अविस्मरणीय औ अभिनंदनीय है।
जी सादर धन्यवाद उत्कृष्ट चिंतन चित्रण निमित्त ।
🙏 👏 🙏

मन की वीणा ने कहा…

बहुत सुंदर कोमल भावों की सरस सुंदर सरचंना।
सुलभ भाव रचना ।

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा ने कहा…

अंतर मन में बहे करूणा
माँ , स्नेह का संसार
नि:शब्द भावों में झलकें
माँ मौन, माँ मुखर हृदय का उद्गगार
माँ पर रचना का यह स्वरूप कोई माँ ही रच सकती है। बहुत ही सुन्दर रचना सृजित हुई है। एक माँ की लेखनी को कोटिशः नमन।

मुकेश सैनी ने कहा…

बहुत सुंदर कोमल भावों की सरस सुंदर सरचंना।
सुलभ भाव रचना ।

deepshikhaaj ने कहा…

बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति सखी ।

Onkar ने कहा…

सही कहा

Sweta sinha ने कहा…

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति प्रिय अनीता..👌

Jyoti Dehliwal ने कहा…

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति, अनिता दी।

Meena Bhardwaj ने कहा…

बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति प्रिय अनीता 👌👌

~Sudha Singh vyaghr~ ने कहा…

वाह. बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति

Sudha devrani ने कहा…

बहुत ही सुन्दर लाजवाब रचना...
मातृदिवस की शुभकामनाएं।

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय कुसुम दी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

जी आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय ज्योति बहन
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय सखी मीना जी सस्नेह आभार आप का
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी सुधा जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी सुधा जी
सादर

Kamini Sinha ने कहा…

नाजुक डोर बँधे जीवन की
माँ, जीवन का सार
क़दम क़दम पर ढाल बनी
माँ , दो धारी तलवार
माँ शब्द का सम्पूर्ण सार ,बेहतरीन रचना अनीता जी

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

Abhilasha ने कहा…

बहुत सुंदर रचना प्रिय सखी मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🌷

संजय भास्‍कर ने कहा…

माँ, जीवन का सार
क़दम क़दम पर ढाल बनी
माँ , दो धारी तलवार
माँ शब्द का सम्पूर्ण सार
माँ पर रचना का यह स्वरूप कोई माँ ही रच सकती है। बहुत ही सुन्दर रचना

रेणु ने कहा…


नाजुक डोर बँधे जीवन की
माँ, जीवन का सार
क़दम क़दम पर ढाल बनी
माँ , दो धारी तलवार
माँ के ममत्व और वात्सल्य की महिमा गाती अत्यंत स्नेहिल रचना | हार्दिक बधाई मातृदिवस की | सस्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी, मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
आप को
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं|
सादर

दिगंबर नासवा ने कहा…

कितने रूप हैं माँ के और हर रूप, हर विचार में माँ अलग, एक शक्ति, एक भक्ति और ममतामई ...
बहुत सुन्दर रचना है ...

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार आदरणीय आप का
सादर

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

सुन्दर रचना |आपको बधाई और शुभकामनायें

अनीता सैनी ने कहा…

जी बहुत बहुत शुक्रिया आप का
सादर