गुरुवार, 4 अप्रैल 2019

मन वीणा यूँ बजी आज


                                  

                      फैला उम्मीद का दामन, 
                      मन  वीणा  यूँ  बजी  आज, 
                उमंग के  साज़  सजे सब  दिशाओं  में, 
                      पिया  के  रंग  में   रंगी  आज |
                  
                        सजा  आँखों  में  सुरमा,  
                       ओढ़   चुनरियाँ    लाल, 
                       नेह   प्रीत   में  खो जाऊँ, 
                      फिर  बन  जाऊँ  दुल्हन  आज|

                        रीति-रिवाज  का पहन  चोला, 
                        मंद-मंद   मुस्काऊँ  आज,    
                         वक़्त की डोरी खोलूँ  हाथों से, 
                       फिर सजाऊँ  जीवन का  साज़ |

                            बाट  तुम्हारी   जोहती, 
                        बेचैन हृदय में  छिपाये  राज़, 
                        भूल न  जाना  बात  मिलन की, 
                             राह   निहारे   गोरी  आज |
    
                                  - अनीता सैनी 

36 टिप्‍पणियां:

लोकेश नदीश ने कहा…

बेहतरीन रचना

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (05-04-2019) को "दिल पर रखकर पत्थर" (चर्चा अंक-3296) पर भी होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Sweta sinha ने कहा…

ओहह्होओ... बहुत बहुत सुंदर प्रिय अनीता👌👌👌
बहुत सुंदर रचना👍👍
पिया मिलन की आस में गोरी रह-रह झाँके द्वार
सुखद स्मृति पट खोले सोचे कब आयेंगे मेरे प्यार

मुकेश ने कहा…

बहुत सुंदर रचना ।

Anuradha chauhan ने कहा…

बहुत सुंदर रचना सखी

Sheru Solanki ने कहा…

Lazwab

रवीन्द्र भारद्वाज ने कहा…

वाह......
बेहतरीन सृजन

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय चर्चा में मुझे स्थान देने के लिए
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय श्वेता बहन तहे दिल से आभार आप का उत्साहवर्धन के लिए 🌷🌷🌷🌷
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

जी सस्नेह आभार आप का आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय अनुराधा बहन तहे दिल से आभार आप का
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

जी सहृदय आभार आप का
सादर

Abhilasha ने कहा…

बहुत ही सुन्दर रचना

शिवम् मिश्रा ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 04/04/2019 की बुलेटिन, " चल यार धक्का मार , बंद है मोटर कार - ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

रेणु ने कहा…

बाट तुम्हारी जोहती
बेचैन हृदय में छिपाये राज
भूल न जाना बात मिलन की
राह निहारे गोरी आज
मिलन के पलों की मधुरता को संजोती मधुर रचना प्रिय अनीता | शब्द शब्द नेह रस झरता प्रतीत हो रहा है | सुंदर चित्र रचना की शोभा बढ़ा रहा है | ये जोड़ी और प्रेम अक्षुण और अटल हो |मेरी दुआ और कामना | हार्दिक प्यार के साथ |

M VERMA ने कहा…

बहुत सुंदर रूमानी रचना

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार दी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय ब्लॉग बुलेटिन में मुझे स्थान देने के लिए
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय रेणु दी तहे दिल से आभार आप का
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

पुरुषोत्तम कुमार सिन्हा ने कहा…

आपके मन की वीणा सदैव बजती रहे। शुभकामनाएं व आशीष ।

अनीता सैनी ने कहा…

जी सहृदय आभार आदरणीय
सादर

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर रचना

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

Meena Bhardwaj ने कहा…

बेहद खूबसूरत रचना अनीता जी । हार्दिक शुभकामनाएं ।सस्नेह ।

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार मीना बहन
सादर

Virendra Singh ने कहा…

अनीता जी, सुंदर भावपूर्ण रचना के लिए आपको बधाई। सादर।

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभर आदरणीय
सादर

विश्वमोहन ने कहा…

वाह!बहुत सुंदर!!

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार आदरणीय
सादर

Pammi singh'tripti' ने कहा…

वाह..क्या बात है
बहुत सुंंदर।

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार आदरणीया पम्मी जी
सादर

संजय भास्‍कर ने कहा…

क्या बात है

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर