गुरुवार, 20 जून 2019

" पीपल के पत्तों की पालकी "




समृद्धशील  संस्कृति,

 संस्कारों से सराबोर , 

सहनशीलता  की  पराकाष्ठा, 

समेटे  समय  का  दौर |


बंधुत्व   से   बँधी, 

बरगद  ने  सुना   बखान, 

पीपल  के  पत्तों  की  पालकी,

 मानव  को  मानवता  का  वरदान ,

  समय   के  कंधों   पर,   हो   सवार 

  करने   चली ,  दुनिया  का  उद्धार |


देवदूत  वे   दादा-दादी, 

 दिया   दामन   दायित्व    का,

बन  सितारे   नाना-नानी,

महकाया  आँगन  संस्कारों  का 


मन    मानव   का  मलिन   हुआ,

  महका   महत्व    मंसूबो   का, 

   दबा  द्वेष  उर  में , किया  क़त्ल सद्भावों का 

   दर्द  का  मरुस्थल   दिया    दहका |


सजी   संर्कीणता   सपनों   में,

सड़ने   लगे   सब  संस्कार  ,

जीवन   दुष्कर  हुआ,  जनमानस  का ,

घोला  परिवेश   में   विकार |

- अनीता सैनी 

30 टिप्‍पणियां:

रेणु ने कहा…

अनुप्रास अलंकार सेसजी और भावों से समृद्ध रचना प्रियअनीता। हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।

मन की वीणा ने कहा…

समय काल का बदलता परिवेश कहां से कहां आ गया बहुत सटीक सार्थक सृजन।
अंलकृत और सुंदर शब्दों का संयोजन।

Ravindra Singh Yadav ने कहा…

सांस्कृतिक मूल्यों का ताना-बाना बुनती रचना में पालकी की मनोहारी कल्पना.
सुन्दर रचना.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

वाह....बहुत सुन्दर

SUJATA PRIYE ने कहा…

बंधुत्व से बंधी बरगद ने सुनाई बखान।वाह क्या बात है।अति सुंदर।

Kamini Sinha ने कहा…

बेहतरीन रचना ,सखी

Anuradha chauhan ने कहा…

बहुत सुंदर रचना सखी 👌 👌

Meena Bhardwaj ने कहा…

बहुत सुन्दर मनोभावों से सुसज्जित सुन्दर रचना ।

शिवम् मिश्रा ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 21/06/2019 की बुलेटिन, " अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2019 - ब्लॉग बुलेटिन “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

विश्वमोहन ने कहा…

बिम्बों की अनुप्रासिक शब्दावली पीपल के पत्तों की पालकी में सवार!

Meena sharma ने कहा…

सुंदर रचना

Anita ने कहा…

वृक्षों और नदियों का सम्मान करने वाली संस्कृति आज दोराहे पर खड़ी है...

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया प्रिय रेणु दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय कुसुम दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय रविन्द्र जी
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार सर
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार आप का
सादर स्नेह
प्रणाम

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार सखी
सादर स्नेह
प्रणाम

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय सखी मीना जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय ब्लॉग बुलेटिन में मेरी रचना को स्थान देने के लिए
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय आप का
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया सखी
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार आदरणीया
प्रणाम
सादर

Sweta sinha ने कहा…

जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना हमारे सोमवारीय विशेषांक
२४ जून २०१९ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार श्वेता दी जी मुझे पाँच लिंकों का आंनद पर स्थान देने के लिए
सादर स्नेह

Unchaiyaan.blogpost.in ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति

संजय भास्‍कर ने कहा…

सुन्दर मनोभावों से सुसज्जित
वक़्त मिले तो हमारे ब्लॉग पर भी आयें|
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया दी जी
प्रणाम

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया आप का भास्कर भाई
वक़्त मिलते ही आती हूँ आप के ब्लॉग पर
प्रणाम