गुरुवार, 25 जुलाई 2019

कारगिल पर था तिरंगा लहराया



कारगिल पर था तिरंगा लहराया, 
आज फिर वह दिन आया |

क़र्ज़  अदाकर मिट्टी  का,
कर शहादत का शृंगार,
नूर नयन  का  तिरंगे  में  चमकता,
चाँद के उस पार नज़र आया |

हर आहट पर सिहर उठे मन,
 फिर तू यादों में उमड़ आया,
लहराया तिरंगा  जिस शान से, 
वह दृश्य फिर आँखों में उभर आया |

क़ुर्बानी  पर क़ुर्बत यह जन्म,
चौखट पर तेरा चेहरा  नज़र आया ,
शौर्य  को  संभाला दिल ने ,
साँसों में वही जूनून उभर आया |

जज़्बा  अंत  तक  डटे  रहने  का,
वह क़िस्सा मेरी आँखों में चमक आया,
रक्त की होली खेल जब तू आँगन में आया,
 वही  आँगन फिर  रक्ताभ नज़र आया |


आँखें नम , हृदय से नमन,
शहीदों की शहादत को सलाम,
दुआओं  में  फ़रियाद  लिख  भेजूँ, 
 उन हाथों पर राखी  मेरे भी नाम की नज़र आये |
- अनीता सैनी

38 टिप्‍पणियां:

विश्वमोहन ने कहा…

वाह! अद्भुत अभिव्यक्ति, देशभक्ति का। कारगिल के वीर शहीद सपूतों को सलाम!!!

मन की वीणा ने कहा…

अश्रुपूरित नैन है जान न्योछावर उन वीरों पर
जान हथेली पर रख तिंरगा फहराया कारगिल पर।
हृदय स्पर्शी ,मान सम्मान से परिपूर्ण सुंदर ओजस्वी रचना ।

लोकेश नदीश ने कहा…

बहुत खूब

शुभा ने कहा…

वीर शहीदों को नमन 🙏🙏
बहुत ही हृदयस्पर्शी रचना प्रिय सखी ।

Meena Bhardwaj ने कहा…

कारगिल के शहीदों को शत शत नमन🙏🙏
हृदयस्पर्शी सृजन अनीता जी !

रवीन्द्र भारद्वाज ने कहा…

वाह... दी
अप्रतिम रचना

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

करगिल दिवस पर सुन्दर प्रस्तुति, बधाई हो

Abhilasha ने कहा…

वाह अनुपम

अनीता सैनी ने कहा…

जी नमस्ते,
आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (26-07-2019) को "करगिल विजय दिवस" (चर्चा अंक- 3408) पर भी होगी।

--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
आप भी सादर आमंत्रित है
….
अनीता सैनी

Sweta sinha ने कहा…

जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार २६ जुलाई २०१९ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

Unknown ने कहा…

जय हिन्द आप सभी को मेरे पियरे देश वासियों

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया सर
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया बहना
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया अनुज
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार दी जी
प्रणाम

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय श्वेता दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया दी जी
प्रणाम

लोकेश नदीश ने कहा…

बहुत उम्दा

Anuradha chauhan ने कहा…

आँखें नम , हृदय से नमन,
शहीदों की शहादत को सलाम,
दुआओं में फ़रियाद लिख भेजू,
उन हाथों पर राखी मेरे भी नाम की नज़र आये |बेहतरीन रचना सखी 👌

सदा ने कहा…

अनुपम सृजन
🙏🏼🙏🏼

Ravindra Singh Yadav ने कहा…

करगिल विजय दिवस पर सैनिकों के उत्कृष्ट बलिदान की महक बिखेरती आपकी रचना में देशप्रेम के प्रभावी जज़्बात समाहित हैं। एक सैनिक से जुड़े रिश्तों और भावों को सुन्दर अभिव्यक्ति मिली है।
आज शहीदों की महान शहादत का स्मरण करते हुए हम कृतज्ञ भारतवासी शत-शत नमन करते हैं।

Sudha devrani ने कहा…

वीर शहीदों की पुण्य स्मृति में उत्कृष्ट सृजन...
देश के शहीदों को शत-शत नमन ।

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत ही हृदयस्पर्शी वीर शहीदों की स्मृति में

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया सर
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया दी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार दी जी
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय,रचना की गहराई से समीक्षा भावों की पकड़ से निशब्द हूँ|तहे दिल से आभार
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया दी जी
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया सर
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

नमन मंच
सादर

रेणु ने कहा…

आँखें नम , हृदय से नमन,
शहीदों की शहादत को सलाम,
दुआओं में फ़रियाद लिख भेजू,
उन हाथों पर राखी मेरे भी नाम की नज़र आये |कारगिल विजय को समर्पित अत्यंत मर्मस्पर्शी रचना, जिसमें वीर जवानों के प्रिय स्नेहिल भाव और कृतज्ञता झलकती है । वीरों का सम्मान कभी कम ना होने पाये। उन्हे कोटि कोटि नमन 🙏🙏🙏🙏🙏🙏

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

करगिल के शहीदों को नमन

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर