बुधवार, 17 जुलाई 2019

बेटी सुख का सार


बेटी  घर संसार में, है सबसे अनमोल।

इसको ऐ नादान तू, सिक्कों में मत तोल।।

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बेटी को इस जगत में, बेटा कहा पुकार।

जगदम्बा  का  रूप है, बेटी तो उपहार।।

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बेटी बतलाती हमें, ख़ुशीयों  का सब सार।

बेटी के बिन मनुज का, जीवन है बेकार।।

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बेटी जैसे शब्द की, महिमा बहुत महान।

बेटी ही सम्मान है, करुणा की पहचान।।

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बेटी सुख का सार है, बेटी ही शृंगार।

बेटी के कारण बसे, छोटा-सा संसार।।

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बेटी को मत त्यागिए, ये जीवन का सार।

बेटी ममतारूप है, क़ुदरत का उपहार।


   - अनीता सैनी 

34 टिप्‍पणियां:

Ravindra Singh Yadav ने कहा…

बेटियों के प्रति समाज को संवेदनशील होने का संदेश देती अभिव्यक्ति.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

सुन्दर और सार्थक दोहे

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

ले-आऊट सैटिंग में जाकर पाठ का फॉण्ट बड़ा कर लीजिए।
पढ़ने में आँखों पर जोर पड़ता है।

लोकेश नदीश ने कहा…

बहुत उम्दा

Sweta sinha ने कहा…

जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना गुरुवार १८ जुलाई २०१९ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

उर्मिला सिंह ने कहा…

उत्कृष्ट सृजन

Jyoti khare ने कहा…

बहुत सुंदर सृजन

दिलबागसिंह विर्क ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 18.7.19 को चर्चा मंच पर चर्चा - 3400 में दिया जाएगा

धन्यवाद

dr.zafar ने कहा…

बेटियां ही घर की रौनक़ होती हैं।
बहुत सुंदर रचना और भाव
सादर

Subodh Sinha ने कहा…

बेटी ही मनुज की सृजनहार है, क्योँकि कल वही माँ भी बनती है।

मन की वीणा ने कहा…

बहुत सुंदर और सत्य ।
अभिनव सृजन, सटीक यथार्थ।

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

सुंदर सृजन !

Anuradha chauhan ने कहा…

बहुत सुंदर और सार्थक सृजन सखी

दिगंबर नासवा ने कहा…

बहुत सुन्दर दोहे हैं ... बेटियां तो जीवन का आधार हैं ...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

सुन्दर दोहे है और सार्थक भी हैं।

रेणु ने कहा…

प्रिय अनीता, बेटी को समर्पित बहुत ही सार्थक
दोहे!!! 👌👌👌बिटिया के लिए मेरी ओर से

दुनिया में अनमोल है ये तेरी मुस्कान लाडली,
तू है मेरे जिगर क टुकड़ा - तू है मेरी जान लाडली!!!!!
नयनाभिराम सौम्य चित्र के लिए आभार और गुड़िया को प्यार। 💐💐💐💐🌹🌹🌹💐

Sudha devrani ने कहा…

बहुत ही सुन्दर सार्थक दोहे....
सचमुच बेटी ही सुख का सार है।

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
प्रणाम

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय श्वेता दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया प्रिय दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय चर्चा मंच पर स्थान देने के लिये
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत ही उत्कृष्ट विचार आदरणीय,
बहुत बहुत शुक्रिया आप का
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय कुसुम दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

बहुत बहुत शुक्रिया सर
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
प्रणाम

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय रेणु दी बहुत ही सुन्दर समीक्षा
अपना स्नेह यूँ ही बनाये रखे
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

जी सर जरूर
सादर