समर्थक/Followers

शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018

घनाक्षरी छंद



                                       
 8,8,8,7,वर्णो  का विधान 16, 15 पर यति 
         31, वा वर्ण दीर्घ  |

मोहब्बत से सराबोर आँखें बरस  रही ,
लफ़्ज  ख़ामोश  रहे  धड़कन कह रही  |

जज़्बात  मोहब्बत के  उर  से  उफ़न रहे, 
आँखों  में  तैरते  सपनें  दास्तां  कह  रहे |

तेरी  यादों  का करवा दिल में दफ़न रहा, 
टूटे  दिल की दरारों में  वही   झाँक रहा  |

मोहब्बत -ए -पैगाम दिल में दफ़न किया, 
हवाओं  को सीने  से लगा राज कह दिया |

  कैसे अदा करुँगी  मोहब्बत का नज़राना, 
  तेरे  सीने  से लग भूल जाती हूँ जमाना  |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

आदरणीय/आदरणीया, स्नेहिल प्रतिक्रिया के लिये आपका हार्दिक धन्यवाद,