शनिवार, 6 अप्रैल 2019

वो ज़िंदगी-सी लगी


नूर  को न निहारा, 
 वो यूँ नाराज़ हो गयी, 
उसे संवारने की चाह विफल रही, 
मैं  भी चला और वह वादियों में खो  गयी |

अपनी   मीठी    रसना   से, 
 उसने  बोले  प्रीत  के  दो  बोल, 
डूब   गया   मैं   शब्दों   में, 
जैसे  अमृत  का  हो  घोल |

मधुर  अभिलाषाएँ   लिये , 
चुपके-चुपके  रही  वो  घूम, 
हृदय  में  उठे   मंगल-गीत, 
  कानों   को   रहे   चूम |

प्रेम  को  रोध क़दमों  से, 
स्नेह  की परिभाषा  समझाती  वो, 
 प्रीत  की  गहराइयों  में, 
मग्न  अकेली  डूबती जाती  वो |

-अनीता सैनी 

28 टिप्‍पणियां:

लोकेश नदीश ने कहा…

बहुत सुंदर

Meena Bhardwaj ने कहा…

अत्यंत सुन्दर सृजन अनीता जी ।

Anuradha chauhan ने कहा…

बेहतरीन रचना सखी

शिवम् मिश्रा ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन टीम और मेरी ओर से आप सब को नव संवत्सर, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा व चैत्र नवरात्रि की हार्दिक मंगलकामनाएँ |

ब्लॉग बुलेटिन की दिनांक 06/04/2019 की बुलेटिन, " नव संवत्सर, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा व चैत्र नवरात्रि की हार्दिक मंगलकामनाएँ “ , में आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Unchaiyaan.blogpost.in ने कहा…

सुंदर प्रस्तुति

Onkar ने कहा…

सुंदर

~Sudha Singh vyaghr~ ने कहा…

👌 👌 सुंदर प्रस्तुति सखी

Sweta sinha ने कहा…

जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना हमारे सोमवारीय विशेषांक
८ अप्रैल २०१९ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

Kamini Sinha ने कहा…

बेहतरीन रचना ....

दिगंबर नासवा ने कहा…

सुन्दर सृजन ... प्रेम की भाषा सहज ही उग आती है ...

Sudha devrani ने कहा…

बहुत सुन्दर...
वाह!!

Jyoti Dehliwal ने कहा…

बहुत सुंदर रचना,अनिता दी।

Abhilasha ने कहा…

बहुत ही सुन्दर रचना प्रिय सखी

अनीता सैनी ने कहा…

जी आभार आप का
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय आप का
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

जी आभार
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार श्वेता जी आप का
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय सखी कामिनी जी आप का तहे दिल से आभार
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

आदरणीय दिगंबर नासवा जी आप का तहे दिल से आभार उत्साहवर्धन के लिए
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय सखी सुधा जी आप को बहुत सा सस्नेह
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय सखी ज्योति आप को बहुत सारा स्नेह
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय सखी अभिलाषा जी - तहे दिल से आभार आप का उत्साहवर्धन के लिए
स्नेह आप को
सादर

मन की वीणा ने कहा…

बहुत सुंदर अनिता बहन सहज सरस गति लिये अनुपम काव्य ।

अनीता सैनी ने कहा…

प्रिय दी आप का तहे दिल से आभार
सादर