गुरुवार, 9 मई 2019

गुलमोहर बन मुस्कुराये



   चटक धूप पिरोये  प्रेम, 
 पटक पात्र मायूसी  का,  
मुस्कुराये बन गुलमोहरी फूल, 
ग़मों ने छिटकी गर्मी, 
स्नेह के  अंबर तल पर बिखरी, 
 सौरभ की सुखमय धूल |

सुरसरी-सी शीतल लहरी, 
प्रज्ज्वलित दीप प्रीत, 
मधुर आँच में  प्रेम जला, विरह तीव्र मशाल, 
 खिला गुलमोहर यादों का प्रीत बनी  मनमीत |

अनंत पथ पर चले कर्म, 
जीवन जलती धूप, 
साथ तुम्हारा गुलमोहरी छाया, 
फूल यादों का रूप |

-अनीता सैनी 

26 टिप्‍पणियां:

लोकेश नदीश ने कहा…

बहुत हो उम्दा

सदा ने कहा…

अनुपम सृजन

मन की वीणा ने कहा…

अहा बहुत सुंदर रचना

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

Meena Bhardwaj ने कहा…

बहुत सुन्दर सृजन अनीता जी ।

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

Anuradha chauhan ने कहा…

बहुत सुंदर रचना सखी 👌👌

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

Kamini Sinha ने कहा…

अनंत पथ पर चले कर्म
जीवन जलती धूप
साथ तुम्हारा गुलमोहरी छाया
फूल यादों का रूप |
बहुत सुंदर ......सखी

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय कामिनी बहन
सादर

kuldeep thakur ने कहा…


जय मां हाटेशवरी.......
आप को बताते हुए हर्ष हो रहा है......
आप की इस रचना का लिंक भी......
12/05/2019 को......
पांच लिंकों का आनंद ब्लौग पर.....
शामिल किया गया है.....
आप भी इस हलचल में......
सादर आमंत्रित है......

अधिक जानकारी के लिये ब्लौग का लिंक:
https://www.halchalwith5links.blogspot.com
धन्यवाद

अमित निश्छल ने कहा…

अच्छी भावाभिव्यक्ति।

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय पाँच लिंकों में स्थान देने के लिए
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय निश्छल जी
सादर

Onkar ने कहा…

बहुत सुन्दर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

Sudha devrani ने कहा…

लाजवाब सृजन...
वाह!!!

Sweta sinha ने कहा…

जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना हमारे सोमवारीय विशेषांक
१३ मई २०१९ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय श्वेता जी हमक़दम में स्थान देने के लिए
सादर

संजय भास्‍कर ने कहा…

बहुत खूबसूरत अंदाज़ में पेश की गई है पोस्ट...शुभकामनायें।

रेणु ने कहा…

मधुर आँच में प्रेम जला, विरह तीव्र मशाल
खिला गुलमोहर यादों का प्रीत बनी मन मीत
प्रिय अनिता -- गुलमोहर सरीखी केसरिया प्रीत भरी सुंदर सार्थक रचना | हार्दिक शुभकामनायें और मेरा प्यार |

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सखी, बहुत ही सुन्दर समीक्षा
सादर