रविवार, 9 जून 2019

दृश्य अटारी बॉर्डर का



मूल्य   शाश्वत  जीवन   का,
इन  आँखों  ने आज  बताया,
अटारी   बॉर्डर  पर  देख  शौर्य  बहनों   का,  
गुरूर  से  धड़कता  सीना, 
देश   प्रेम  का  सच्चा  अर्थ  समझ   आया |


जज़्बा -ए -जूनून, देख  क़दमों  की ललकार,
स्मरण  रानी लक्ष्मी  बाई  का  हो आया,
रग-रग  में  दौड़ता  देश  प्रेम,  हाथों  में  उठी  तलवार, 
दृश्य  वह  रण  सा  आँखों   में   उभर  आया |


कण - कण  में   गूँज  शौर्य  की , 
साहस से सराबोर सरहद, नज़ारा राज पथ का  उभर आया, 
छ: फिट उठे  क़दम, क़दमों की ललकार, हाथ  के पँजे  में शिकार , 
दुश्मन  का  कलेजा  धराशाही  नज़र आया |


आँखों  में   तेज़,  दहाड़  शेर -ए -हिंद  की, 
बौखलाहट में पाकिस्तान , दौड़ता नज़र आया, 
सीमा  के  प्रखर  प्रहरी  सैनिकों  का  उत्साह,
आसमां  की  बुंलदियों  को  छूता  नज़र  आया |

- अनीता सैनी

34 टिप्‍पणियां:

लोकेश नदीश ने कहा…

बहुत खूबसूरत रचना

Sweta sinha ने कहा…

वाह्ह्ह्ह... बहुत सुंदर रचना अनु👌...बाघा बार्डर पर होने वाले प्रदर्शन मन में अनोखा जज़्बा जगा जाते हैं कोई शक नहीं।

अमित निश्छल ने कहा…

बहुत ही उम्दा रचना मैम। वीरोंं की शान में लिखी यह रचना नमनीय है।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (11-06-2019) को "राह दिखाये कौन" (चर्चा अंक- 3363) पर भी होगी।
--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Meena Bhardwaj ने कहा…

बहुत सुन्दर रचना प्रिय अनीता जी👌👌

yashoda Agrawal ने कहा…

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" मंगलवार जून 11, 2019 को साझा की गई है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Unchaiyaan.blogpost.in ने कहा…

वाह सच में जज्बा ए जनून देख कदमों की ललकार
स्मरण रानी लक्ष्मी बाई का हो आया
रग-रग में दौड़ता देश प्रेम हाथों में उठी तलवार
बाघा बार्डर और वीर सैनिकों के शौर्य को देख दिल में सम्मान के भाव सवतः ही प्रकट हो जाते हैं सुन्दर प्रस्तुति अनीता जी

विश्वमोहन ने कहा…

सुंदर।

शुभा ने कहा…

वाह!!प्रिय सखी ,बहुत खूब!👌

Sheru Solanki ने कहा…

वाहहहहहहहहहहहहक्षहक्षक्षहक्ष ह क्या कहने है

Kamini Sinha ने कहा…

जज़्बा -ए -जूनून, देख क़दमों की ललकार,
स्मरण रानी लक्ष्मी बाई का, हो आया,
रग-रग में दौड़ता देश प्रेम, हाथों में उठी तलवार,
दृश्य वह रण सा, आँखों में उभर आया |

बहुत सुंदर वीर रस से भरपूर लाजबाब रचना ,देश की उन वीर बेटियों को सत सत नमन

Anuradha chauhan ने कहा…

वाह बेहतरीन..वीरों की शान में लिखी शानदार रचना सखी

Jyoti Dehliwal ने कहा…

वा...व्व...बहुत बढ़िया रचना,अनिता दी।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

"आँखों में तेज़, दहाड़ शेर -ए -हिंद की,
बौखलाहट में पाकिस्तान , दौड़ता नज़र आया,
सीमा के प्रखर प्रहरी सैनिकों का उत्साह,
आसमां की बुंलदियों को छूता नज़र आया"
--
ओजस्वी रचना।

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय श्वेता दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय मीना दी जी
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीया यशोदा दी जी चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय रितु दी जी
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय शुभा दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय उत्साहवर्धन टिप्णी के लिए
प्रणाम
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय कामिनी दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार प्रिय अनुराधा दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय ज्योति बहन
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय उत्साहवर्धन समीक्षा हेतु
प्रणाम
सादर

संजय भास्‍कर ने कहा…

वाह सच में जज्बा ए जनून देख कदमों की ललकार
स्मरण रानी लक्ष्मी बाई का हो आया
रग-रग में दौड़ता देश प्रेम हाथों में उठी तलवार
सुंदर प्रस्तुति अनीता जी

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार आदरणीय भास्कर भाई |ब्लॉग पर आते रहे |सादर स्नेह

Unknown ने कहा…

राष्ट्रीय भावना से अभिप्रेरित, अनुपम औ अद्वितीय भावाभिव्यक्ति सुखद औ सराहनीय अविस्मरणीय औ अभिनंदनीय है।
अति उत्कृष्ट चिंतन चित्रण निमित्त सादर साधुवाद।
जय हिंद वंदेमातरम्।

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय
सादर

रेणु ने कहा…

प्रिय अनिता -- अटारी बॉर्डर पर जांबाज सैनिकों के साथ लक्ष्मीबाई सरुपा वीरांगनाओं के देश के सम्मान में उठते कदम समस्त राष्ट्र के लिए गौरव का विषय हैं जो जनमानस में देश भक्ति के जज्बे को भर गर्व की अनुभूति करवाते हैं | अत्यंत सराहनीय रचना जिसके लिए आभार | सस्नेह --

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय रेणु दी जी
सादर स्नेह