बुधवार, 14 अगस्त 2019

स्वतंत्रता दिवस, पावन पर्व आज़ादी का



कह दो  क़ुदरत क़ायनात से कुछ ऐसा, 
कश्मीर-सा सुन्दर उपहार सजा दे,
करूँ नमन प्रतिपल वीर शहीदों को,
हृदय को उनका द्वार दिखा दे |

लिया भार,भारत माँ  का  कंधों  पर , 
उन वीर शहीदों की, चौखट के दीदार करा दे,
पहन केसरिया किया जीवन अपना क़ुर्बान,
जनमानस को वीरों के रक्त से लिखा संदेश दिखा दे |

पावन पर्व आज़ादी का, मिला जिनके बलिदान से,  
अमर गाथा लिखूँ लहू से अपने,हाथों में ऐसी क़लम थमा दे, 
भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव,चंद्र शेखर जैसे हों भाई, 
हिंद देश में कह सिंधु से स्नेह का ऐसा सागर भरवा दे |

- अनीता सैनी 

18 टिप्‍पणियां:

Ravindra Singh Yadav ने कहा…

आपकी लिखी रचना ब्लॉग "पांच लिंकों का आनन्द" में गुरुवार 15 अगस्त 2019 को साझा की गयी है......... पाँच लिंकों का आनन्द पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

मन की वीणा ने कहा…

बहुत सुंदर सृजन, बहुत सुंदर भाव, देश भक्ति और वीरों शहीदों को पूर्ण सम्मान देते उच्च भाव सृजन ।

Sudha devrani ने कहा…

भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव,चंद्र शेखर जैसे हों भाई,
हिंद देश में कह सिंधु से स्नेह का ऐसा सागर भरवा दे |
वाह!!!!
स्वतंत्रता दिवस पर वीर शहीदों की मधुर स्मृति में बहुत ही लाजवाब रचना...

Sweta sinha ने कहा…

बहुत सुंदर रचना अनु..भाव बहुत अच्छे है।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

Meena Bhardwaj ने कहा…

भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव,चंद्र शेखर जैसे हों भाई,
हिंद देश में कह सिंधु से स्नेह का ऐसा सागर भरवा दे |
राखी भी और राष्ट्रप्रेम की भावना भी सृजनात्मकता ऐसी जैसे- गागर में सागर.. अप्रतिम भावों से सुसज्जित रचना ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (16-08-2019) को "आजादी का पावन पर्व" (चर्चा अंक- 3429) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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स्वतन्त्रता दिवस और रक्षाबन्धन की
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

गोपेश मोहन जैसवाल ने कहा…

अनीता जी, भगवान आपकी प्रार्थना सुन लें, बस, यही कामना है. लेकिन हम ख़ुद भी कुछ देश के लिए करें, यह सबसे ज़्यादा ज़रूरी है.

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय पाँच लिंकों के आनंद पर स्थान देने के लिए
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

तहे दिल से आभार प्रिय कुसुम दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय सुधा दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय श्वेता दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सस्नेह आभार प्रिय मीना दी जी
सादर स्नेह

अनीता सैनी ने कहा…

सहृदय आभार आदरणीय चर्चा मंच पर स्थान देने के लिए
सादर

Anuradha chauhan ने कहा…

बहुत सुंदर रचना प्रिय अनीता जी

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया दी
सादर

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति

अनीता सैनी ने कहा…

शुक्रिया सर
सादर

अनीता सैनी ने कहा…

सार्थक टिप्णी सर
सादर