शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020

मेहंदी के मोहक पात



 शुभ्र-लालिमा को लपेटे देह से, 
भटकते दिन का ढलता पहर, 
महताब संग बढ़ते पदचाप, 
 देख जीवन में हर्षायी साँझ


शरद चाँदनी से उजले हाथों में, 
मेहंदी के मोहक उठाये पात , 
पुलकित हृदय से इठलायी, 
हर्षित फ़ज़ा से झूमी साँझ

कमल-पँखुड़ियों से कोमल, 
प्रीत रंग के महावर में डूबे पाँव, 
दहलीज़ पर उतर हुई उल्लासित,  
नयन अश्रु से धो मुस्कुरायी साँझ

©अनीता सैनी 

30 टिप्‍पणियां:

  1. शुभ्र-लालिमा को लपेटे देह से, 
    भटकते दिन का ढलता पहर, 
    महताब संग बढ़ते पदचाप, 
     देख जीवन में हर्षायी साँझ।


    शरद चाँदनी से उजले हाथों में, 
    मेहंदी के मोहक उठाये पात , 
    पुलकित हृदय से इठलायी, 
    हर्षित फ़ज़ा से झूमी साँझ।

    कमल-पँखुड़ियों से कोमल, 
    प्रीत रंग के महावर में डूबे पाँव, 
    दहलीज़ पर उतर हुई उल्लासित,  
    नयन अश्रु से धो मुस्कुरायी साँझ... नि:शब्द हूँ आपके सृजन से, शादी की 18 वी शालगिरह पर बधाई एवं शुभकामनाएँ.
    ख़ुश रहो 🌹🎉🎉🎊🌹

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. जीवन के सफ़र में आप जैसा जीवनसाथी पाकर आल्हादित हूँ. ईश्वर आपको नई ऊँचाइयों पर पहुँचने के अवसर दे. स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें. शादी की सालगिरह आपको भी मुबारक हो.

      हटाएं
  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज शुक्रवार 21 फरवरी 2020 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीय दीदी संध्या दैनिक में मेरी रचना को स्थान देने हेतु.
      सादर स्नेह

      हटाएं

  3. कमल-पँखुड़ियों से कोमल,
    प्रीत रंग के महावर में डूबे पाँव,
    दहलीज़ पर उतर हुई उल्लासित,
    नयन अश्रु से धो मुस्कुरायी साँझ

    बहुत ही सुंदर, हृदयस्पर्शी सृजन ,शादी के सालगिरह की हार्दिक शुभकामनाएं अनीता जी

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीया कामिनी दीदी.आपकी उत्साहवर्धन करती प्रतिक्रिया बड़ी मोहक है.आपका साथ यों ही बना रहे.

      हटाएं
  4. वाह बेहद खूबसूरत सृजन आदरणीया मैम।
    हृदयस्पर्शी पंक्तियाँ 🙏
    सादर प्रणाम 🙏

    जवाब देंहटाएं
  5. आपकी रचनाओं को पढ़कर सदा निःशब्द हो जाती हूँ। सालगिरह की ढेरों शुभकामनाएँ आपको। सादर प्रणाम 🙏

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. बहुत-बहुत आभार प्रिय आँचल. आपकी शुभकामनाएँ एवं सदेच्छा सदैव मेरे साथ रहे.आपकी टिप्पणी बरबस ही ध्यान खींच लेती है.

      हटाएं
  6. वाह बेहद खूबसूरत रचना सखी

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सस्नेह आभार आदरणीया उत्साहवर्धन हेतु.

      हटाएं
  7. इतनी खूबसूरत और भावों से ओत-प्रोत रचना, कि सब कह रही है जो अनुराग भरे मन की एक-,एक अनुभूति है।
    सुंदर कोमल भाव सरस सृजन।
    शादी की सालगिरह पर अनंतानंत शुभकामनाएं और बधाई।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीया कुसुम दीदी.आपकी अनमोल प्रतिक्रिया रचना के मर्म को स्पष्ट करती हुई संक्षिप्त समीक्षा की मनमोहक बानगी है.आपका सहयोग समर्थन स्नेह एवं आशीर्वाद सदैव अपेक्षित.

      हटाएं
  8. समर्पण भाव की उत्कृष्ट रचना जिसमें विषय-वस्तु, शिल्प एवं भावों को क़रीने से सँजोया है। न्यूनतम शब्दों में अधिकतम भावात्मक घनत्त्व रचना में शब्दालंकार व अर्थालंकार को प्रगाढ़ बनाता है।कभी-कभी यह युक्ति रचना की क्लिष्टता का कारण भी बन जाती है।
    लिखते रहिए।
    बधाई एवं शुभकामनाएँ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीय सर सुन्दर सारगर्भित समीक्षा रचना को विस्तार देनी समीक्षा हेतु. आपका का मार्गदर्शन हमेशा अपेक्षित है. आशीर्वाद बनाएँ रखे

      हटाएं
  9. सबसे पहले आपको शादी की अठारहवीं सालगिरह पर ढेरों बधाई और शुभ आशीर्वाद ..अपने परिवार के साथ सदा सुखी रहें ,यही मंगलकामना 🎂🎂🎂🎂🎂 .बहुत सुंदर सृजन सखी ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीया सुभा दीदी जी तहे दिल से आभार आपका आशीर्वाद बनाएँ रखे.
      सादर

      हटाएं
  10. शादी की 18वीं वर्षगाँठ पर, विशुद्ध विश्वास व प्रेम का छलक कर उभर आना , अत्यंत ही मोहक व मनभावन है। आपकी जोड़ी 18, 28, 38, 48, 58... क्रमशः समस्त बाधाओं को पार कर उत्कर्ष के नए आयाम लिखें । हार्दिक शुभकामनाएं व बधाई ।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीय सर.आपकी सदेच्छाओं और शुभकामनाओं से युक्त उत्साह बढ़ाती टिप्पणी के लिये बहुत-बहुत शुक्रिया.

      हटाएं
  11. समर्पण भाव की उत्कृष्ट रचना 👌👌 शादी की सालगिरह पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बहुत बहुत बधाई अनीता जी 💐💐

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीय दीदी सुन्दर समीक्षा हेतु. आपका स्नेह बना रहे.

      हटाएं
  12. शरद चाँदनी से उजले हाथों में,
    मेहंदी के मोहक उठाये पात ,
    पुलकित हृदय से इठलायी,
    हर्षित फ़ज़ा से झूमी साँझ।
    बहुत खूब प्रिय अनिता | आत्मीयता भरी सुंदर रचना जो प्रेमासिक्त मन के अप्रितम गर्व और अविरल भावों से भरी है | शादी की सालगिरह मुबारक हो | हमेशा खुश रहो अपने जीवन साथी के साथ तुम्हारा साथ अटल हो | मेरी हार्दिक शुभकामनायें और दुआएं |

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीया रेणु दीदी. रचना का विस्तृत विश्लेषण करती और मर्म समझाती आपकी सारगर्भित प्रतिक्रिया बड़ी स्पष्ट और मोहक है. आपका साथ पाकर मुझमें हिम्मत और बढ़ती है अच्छा लेखन करने की. आपका स्नेह और आशीर्वाद सदैव मेरे साथ बना रहे.

      हटाएं
  13. बहुत सुन्दर अनीता !
    सकुचाती-लजाती, कोमल और सलोनी सी दुल्हन के गृह-प्रवेश में तुमने मेहंदी के ही क्या, सभी रंग घोल दिए हैं.
    शादी की सालगिरह की तुम्हें और मुकेश दोनों को, बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएँ !

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीय सर. आपका स्नेह और आशीर्वाद सदैव हमारे साथ रहे. आपका मार्गदर्शन हमेशा अपेक्षित है. आपकी टिप्पणी ने रचना का भाव विस्तार करते हुए मान बढ़ाया है.

      हटाएं
  14. शरद चाँदनी से उजले हाथों में,
    मेहंदी के मोहक उठाये पात ,
    पुलकित हृदय से इठलायी,
    हर्षित फ़ज़ा से झूमी साँझ।
    प्रस्तुत रचना में मेहंदी की रश्म से विदाई तक सारे भाव उभर आये हैंं वह भी इतनी खूबसूरती से...
    शादी की सालगिरह बहुत बहुत मुबारक हो आपको
    आप दोनों का साथ एवं प्यार हमेशा यूँ ही बना रहे
    भगवान आपको उन्नति के शिखर तक पहुँचाये....।

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीय दीदी सुन्दर सारगर्भित रचना का मर्म स्पष्ट करती समीक्षा हेतु. अपना स्नेह आशीर्वाद बनाये रखे.
      सादर

      हटाएं
  15. वाह
    बहुत सुंदर सृजन
    बधाई

    जवाब देंहटाएं
    उत्तर
    1. सादर आभार आदरणीय सर उत्साहवर्धक समीक्षा हेतु.
      सादर

      हटाएं

anitasaini.poetry@gmail.com